नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा-सम्बुद्धस्स

लेख

आधुनिक काल में मानवता की दशा और दिशा बदल गयी है। सामाजिक और व्यक्तिगत आदर्श बदल गए है। ऐसी अंधी हौड़ में हमारी सोच क्या होनी चाहिए, और बिना दुर्घटना के कैसे गुज़रना चाहिए? भिक्षुओं के धमाकेदार लेख:

थानिस्सरो भिक्खु

✍🏻 त्वचा के भीतर

✍🏻 क्षमा

भिक्खु कश्यप

✍🏻 धर्म संघर्ष

✍🏻 आवाहन

✍🏻 Conservatism & Escapism

✍🏻 साधन

📢 कश्यप भंते का प्रवचन