✦ ॥ नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मासम्बुद्धस्स ॥ ✦

वेद

  • १३. तेविज्जसुत्तं

    १३. तेविज्जसुत्तं

    📂 सुत्तपिटक / दीघनिकाय

    कुछ सच्चे त्रिवेदी ब्राह्मण युवक ब्रह्मा के साथ समागम करने के मार्ग पर उलझन में हैं। किन्तु वे भाग्यशाली हैं, क्योंकि भगवान पास ही रहते हैं।