तिसरण
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लेख
जीवन की भागदौड़ में अक्सर हम खुद को अकेला, असहाय या उलझन में पाते हैं। बाहर दुनिया का शोर है और भीतर चिंताओं का। ऐसे समय में, हर इंसान एक ऐसी जगह तलाशता है जहाँ उसे गहरी सुरक्षा, शांति और सही दिशा मिल सके। बौद्ध धर्म में उस सुरक्षित स्थान को 'त्रिशरण कहा गया है।